शाकाहारी भोजन को ज्यादा महत्व दे।

शाकाहारी भोजन का पाचन जल्द हो जाता है। यह आपके मस्तिष्क को सचेत रखते हुए आपको बुद्धिमान बनाता है। इसके विपरीत माँसाहारी भोजन को पचने में कम से कम 36-60 घंटे लगते हैं।

सब्जियों में प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेट और वसा के साथ-साथ और भी बहुत से आवश्यक तत्व होते हैं। विटामिन, एंटीऑक्सीडेन्ट, अमीनो एसिड आदि जैसे तत्व भी शामिल होते हैं, जो कैंसर जैसी घातक बीमारी के बचाव में सहायक होते हैं।

शाकाहारी भोजन में फायबर भी अधिक मात्रा में होते हैं जो पाचन क्रिया में सहायक होते हैं।

हालाँकि शाकाहारी भोजन में विटामिन बी12 कम मात्रा में मिल पाता है, लेकिन शाकाहारी लोगों में इसकी कमी होने के कोई सबूत नहीं। इससे यह पता चलता है कि हमारे शरीर में विटामिन बी12 बहुत ही कम मात्रा में चाहिए ।

ऐसा कहा जाता है कि शाकाहारी भोजन, सही मात्रा में कैलोरीज नहीं प्रदान करता लेकिन यह सही नहीं है। अगर शाकाहारी भोजन में सभी जरूरी पदार्थ शामिल हों तो सही मात्रा में कैलोरीज भी मिल जाती हैं।विश्वभर से लिए गए आंकड़े यह दर्शाते हैं कि वनस्पति आधारित भोजन करने वालों में स्तन का कैन्सर होने की संभावना कम होती है। कारण शाकाहारियों में एस्ट्रोजन की कम मात्रा सहायक पाई गई है।

शाकाहारी भोजन गुर्दे से संबंधित रोगों की रोकथाम में सहायक हो सकता है। अध्ययनों में यह पता चलता है कि वनस्पतियों में पाए जाने वाले कुछ प्रोटीन जीवित रहने की संभावना बढ़ाते हैं और पेशाब के द्वारा प्रोटीन का निकल जाना, कोशिकाओं द्वारा रक्त छनने की गति, गुर्दे में रक्त संचार और गुर्दे से संबंधित विकार मांसाहारियों की तुलना में शाकाहारियों में कम पाए जाते हैं।शाकाहारियों में हाई ब्लड प्रेशर की संभावना मांसाहारियों से कम होती है और यह वजन व नमक पर निर्भर नहीं करता। इसका कारट यह भी हो सकता है कि वे कॉम्लेक्स काब्रोहाड्रेट ज्यादा मात्रा में ग्रहण करते हैं और शारीरिक स्थूलता इनमें कम होती है।

फेफड़ों और बड़ी आंत का कैन्सर शाकाहारियों में कम होता है। इसका कारण यह होता है कि शाकाहारी रेशायुक्त फल और सब्जियों का अधिक सेवन करते हैं।

Kajal mourya

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started